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Abstract

छात्र का अभिभावक मित्र, आदर्श सब कुछ यह शिक्षक ही होता है। शिक्षकों को अपने इस प्रभाव का प्रयोग बच्चों का व्यक्तित्व निखारने एवं संवारने में करना चाहिए। आजकल के बच्चे पहले की अपेक्षा ज्यादा शार्प, बुद्धिमान, चतुर एवं होशियार हैं। इनकी बौद्धिक, भावात्मक एवं क्रियात्मक कार्यों की भूख को एक प्रभावशाली शिक्षक ही शान्त कर सकता है। शिक्षक की प्रभावशीलता उसके छात्र के प्रदर्शन एवं उपलब्धियों में प्रतिबिम्वित होती है प् प्रस्तुत शोध में विद्याभारती द्वारा संचालित माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की शिक्षक-प्रभावशीलता के स्तर का अध्ययन लिंगानुभेद एवं वैवाहिक स्थिति के आधार पर किया गया है प् निष्कर्ष में पाया गया कि विद्याभारती द्वारा संचालित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों में श्रेष्ठ स्तर की शिक्षक-प्रभावशीलता है। पुरुष शिक्षकों की अपेक्षा महिला शिक्षक सार्थक रूप से अधिक प्रभावशाली पायी गईं।

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