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Abstract

सच्ची शान्ति मनुष्य की अन्तरात्मा में निहित है। कषायए विकार और दुर्गुणों का विसर्जन करने से मन में शांति के भाव निर्झरित हो सकते हैं। शांति से ही मन निर्मलए स्वच्छ व पवित्र रह सकता है। अशांत मनए विवादए झगड़ाए क्रोध और मूल्यहीनता के कार्यों की ओर अग्रसर होता है। शांति और अशांति के क्या लक्षणघ् शांत और अशांत मन वाले व्यक्ति की कैसे पहचान करेंघ् शांति के लिए कौन.कौनसी गंदगी का विसर्जन करेंघ्किस प्रकार की क्रियाएं आचरित करेंघ् जिससे अन्तर्मन निर्मलए पवित्र व मंगलमय रह सकता है। शांति व अशांति की सही समझ विकसित करने का प्रयास इस लेख में विवेचित किया है।

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