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Abstract

वर्तमान काल में हिंदी के दलित साहित्य ने साहित्य के क्षेत्रं में अपनी अलग एक स्वंतत्र पहचान


बनायी हैण् दलित साहित्य का अपना चिन्तन दर्शन और विचारधारा हैण् यह भी कहा जा सकता है कि दलित साहित्य का अपना एक अलग रुप है जो निश्चित ही हिंदी साहित्य से भिन्न हैण् पिछले दस वर्ष के हिंदी साहित्य पर यदि दृष्टिक्षेप डाले तो यह पता चल सकता है कि दलित साहित्य को जो लोकप्रियता मिली वह अधिक सराहनीय हैण् दलित साहित्य को हिंदी साहित्य से अलग मानना होगा क्योकिं साहित्य मे सभी समस्याओं को केंद्रबिंन्दु में रखकर साहित्य की अवधारणा स्पष्ट की जाती है मगर दलित साहित्य अधिकांशत सामाजिक चेतना को लेकर ही निर्माण हुआण् दलित साहित्य में दलितों के संघर्षमय जीवन का वह रुप स्थापित है जो उन्होने भोगा हैण् देखा जाय तो दलित साहित्य के प्रमुख प्रेरणास्त्रोत महामानव गौतम बुध्दए संत कबीर और भारतरत्न डॉण् बाबासाहेब आंबेडकर हैण् दलित साहित्य के प्रेरणास्त्रोत डॉण् बाबासाहेब आंबेडकर न होते तो यकीनन हिंदी में दलित साहित्य की निर्मिती नही होती और न ही दलितों की साहित्य सृजन की प्रेरणा मिली होती कांतिए सामाजिक परिवर्तनए नई व्यवस्था की मांगए अधिकारों की प्राप्ति की आवाज और व्यवस्था को नकारने संघर्ष का प्रतिक है दलित साहित्यण् दलित साहित्य अर्थात सामाजिक परिवर्तनए मानवता का पक्षधर है श्क्रांति मे वैचारिकता श् समानता हैण् आत्मचेतना से परिपूर्ण यह साहित्य आम आदमी की जिंदगी से जुडा साहित्य हैण् हितए कल्याण ए शिवए मंगल के साथ सुंदर की स्थापना करनेवाला दलित साहित्य हैण् फिर चाहे वह साहित्य की किसी भी विधा के द्वारा अभिव्यक्त हुआ होण् दलित संवेदना सर्वप्रथम कविता में व्यंजित हुयी दिखाई देती हैण् ओमप्रकाश वाल्मिकी का श्सदीयो का संतापश्ए जयप्रकाश कर्दम का श्गुंगा नही या मैंश्ए कुसुम वियोगी का श्व्यवस्था के विषधरश् आदि कविताओ मे दलितो पर होनेवाले अन्याय ए अत्याचार एआक्रोश की छटपटाहट को अभिव्यक्त किया गया हैण्


ही भीमशतकश्ए ओमप्रकाश वाल्मिकी का सदियो ष् का संतापए जयप्रकाश कर्दम श् काश् गुंगा नही


या मैए श्डॉण् कुसुम वियोगी का ष्व्यवस्था के विषधरष् आदि कवियों की कविताओं मे दलितो पर होनेवाले अन्याय अत्याचार का वास्तविक चित्रण मिलता हैण् इन कवियों के आलावा भी अन्य कवि है जो दलित कविता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे जिनमे कवि असंगघोष का नाम आदरपूर्वक लिया जाता है

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