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Abstract

भाषिक समस्याओं में वाक्यार्थ का न्याय दर्शन में अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान है द्य न्याय दर्शन में वाक्यार्थ बोध के चार कारण माने गए हैं. आकांक्षाए योग्यताए सन्निधि और तात्पर्य द्य दूसरे शब्दों में वाक्य का अर्थ दृ आकांक्षाए योग्यताए सन्निधि और तात्पर्य से युक्त पदों का समूह है

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