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Abstract

 ष्ष्श्यामा चरण दूबेश्  ने अपनी पुस्तक ष्ष्भारतीय गाँवश्  में तैलांगाना प्रदेश के श्शमीरपेट गाँवश् के विषय में अध्ययन किया है। जिसमें कुल आठ अध्याय हैं। जिसमें पहले अध्याय में उस भारतीय गाँव के भौगोलिक स्थिति एवं वहां के लोगोंए भारतीय गाँव के बारे मेंए मकानों के विषय  में अध्ययन किया है। दूसरे अध्याय में दूबे जी ने सामाजिक गठनए यानि कि वर्ण व्यवस्था अर्थात् जातियांए उपजातियांए ग्रोत्रए वंश के साथ आन्तरिक संगठन रू सत्ता और न्याय का वर्णन किया है। उन्होंने अपने तृतीय अध्याय में भारतीय गाँव की अर्थव्यवस्था के विषय में भी अध्ययन किया है। जिसके अंतर्गत ब्राह्मण कोमटिए गोल्लाए कुम्मरिए सालेए गाओंडला एवं पंचब्राह्मण समूह व्यवसायों का विवरण दिया है। साकली ;धोबीद्धए और मंगली ;नाईद्ध और अश्पृस्य जाति माला और मादिगा के कार्यों का उल्लेख किया गया है। चौथे अध्याय में धार्मिक गतिविधियों में इस गाँव में रहने वाले हिन्दू मुसलमान के धर्मों के विषय में बताया गया है। और पांचवे अध्याय में पारिवारिक संबंधों के विषय में लेखक ने बताया है। और छठा अध्याय जीवन स्तर के बारे में यानि शमीरपेट के रहने वाले गरीब.अमीर लोगों के जीवन स्तर की चर्चा की है। और सातवें अध्याय में इस गाँव के सामुदायिक जीवन के सहयोग और संघर्ष का अध्ययन है। और अंतिम अध्याय में लेखक ने शमीरपट गाँव में हुए परिवर्तनों के विषय में बताया है। वो कौन से कारक हैं जिनके चलते शमीरपेट गाँव में बदलाव हुए।

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