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Abstract

गैर-सरकारी संगठन सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बीच की कड़ी है। यह लोगों के ऐसे समूह से सम्बन्ध रखता है जो समाज में व्याप्त समस्याओं को स्वयं के सामूहिक प्रयास से दूर करने के लिए संगठित होते हैं। ऐसे कार्यों के क्रियान्वयन हेतु सरकारी सहायता भी मिलती है। वाक्यांश गैर सरकारी संगठन 1945 में संयुक्त राष्ट्र संगठन की स्थापना के साथ ही लोकप्रिय प्रयोग में आया। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय 10 के अनुच्छेद-7 में उन संगठनों के लिए सलाहकार भूमिका के प्रावधानों के साथ, जो तो सरकारी हैं ही राज्य सदस्य। अन्तर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन की परिभाषा पहली बार 27 फरवरी, 1950 ECOSO के 288 (X) संकल्प में दी गयी है। इसे कोई भी अन्तर्राष्ट्रीय संगठन जो एक अन्तर्राष्ट्रीय संधि द्वारा स्थापित नहीं है के रूप में परिभाषित किया गया है। भारत में समाज के प्रत्येक क्षेत्र में एन.जी.. कार्यशील है।1

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