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Abstract

नासिरा शर्मा ने गत शताब्दी के अंतिम दशक में लिखना प्रारम्भ किया जो उस शताब्दी के प्रारम्भिक और मध्यवर्ती दशकों से पर्याप्त भिन्नता रखता है - राष्ट्रीय स्तर पर भी और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी। 1900 से 1980 तक का काल आधुनिक काल से अभिहित किया जा सकता है जबकि अंतिम दो दशकों और इक्कीसवीं शताब्दी के अब तक बीचे वर्षों को उत्तर-आधुनिकता की संज्ञा दी जाती है। निश्चित ही आधुनिकतावाद की प्रवृत्तियाँ और समस्याएँ उत्तर आधुनिकता की प्रवृत्तियों व चिन्ताओं से स्पष्टतः भिन्न दृष्टिगत होती है।

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