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Abstract

वेदांत के आचार्यों में श्री माधवाचार्य जी का द्वैतवाद अपना विशेष महत्व रखता हैद्य उनके अनुसार जीवए जगत और ईश्वर ये तीनों भिन्न तत्त्व हैंए क्योंकि ये तीनों अपना अलग.अलग अस्तित्व रखते हैं द्य अतः इनमें से किसी एक को दूसरे में अंतर्भाव नहीं किया जा सकता द्य मध्व जीवए जगत और ईश्वर की यथार्थ सत्ता को स्वीकार करते हैं

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