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Abstract

जनजाति का तात्पर्य उस मानव समूह से है, जिनका जीवन स्तर एवं रहन-सहन वन सम्पदा से प्रभावित रहा है तथा उनमें आधुनिकता एवं वर्तमान समय के आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति अन्य लोगों की अपेक्षा कम हुआ है। भारतीय संविधान में इन्हें अनुसूचित जनजाति कहा गया है। चूँकि ये सामान्य अधिवास-तंत्र से अलगाव रखने में सफलता पायी है बल्कि इनकी आर्थिक व सामाजिक जीवन भी अन्य जीवन-तंत्र से भिन्न होता है। जनजातीय समूह को प्रजातियों का अवशेष कहा जाता है।

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