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Abstract

साक्षरता हमारा सामाजिकए सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास का सशक्‍त माध्‍यम है। साक्षर व्‍यक्ति सही या गलत का स्‍पष्‍ट निर्णय लेने में समर्थ होते हैं। इससे एकाकीपन भी दूर होता है। साथ ही गरीबी उन्‍मूलनए राष्ट्रीय एकता को मजबूत एवं अन्‍तर्राष्ट्रीय सद्भावना के विकास में सहायता प्रदान करता हैा साधारणतयरू साक्षरता का तात्‍पर्य पढने.लिखने की जानकारी रखनेवाले व्‍यक्तियों से लिया जाता हैा परंतु युनेस्‍को ने इसे स्‍पष्‍ट रूप से परिभाषित करते हुए कहा है कि वे सभी व्‍यक्ति साक्षर हैए जिनमें साक्षरता प्राप्‍त व्‍यक्ति के सभी कार्य करने की क्षमता हो। साथ ही उनके कार्य क्षमता बढ़ाकर और कुशल बनाने का कार्य करें। सामाजिक विकास के कार्यों में कुशलता बढानेवाले गतिविधि यथा पढनाए लिखना तथा गणितीय कार्यों की क्षमता विकसित होना साक्षरता के अन्‍तर्गत आता है। अतरू साक्षरता सामाजिक एवं आर्थिक जागरूकता विवेचनशीलता एवं चतुर्दिक विकास का सबल एवं सशक्‍त माध्‍यम के रूप में जाना जाता है। एक साक्षर व्‍यक्ति समाज एवं राष्ट्र के विकास में कदम से कदम मिलाकर चलने का कार्य करता है।

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