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Abstract

स्वामी विवेकानन्द एक मौलिक चिन्तक दार्शनिक और व्यावहारिक शिक्षा शास्त्री के रूप में अपना प्रमुख स्थान रखते हैं। शिक्षा जगत में उनकी सबसे बड़ी देन उनकी नैतिक शिक्षा  है। नैतिक भावना को जीवन के लिए अनिवार्य माना है। इस प्रकार इनके विचारों में मौलिकता दिखती है।

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