Main Article Content

Abstract

भारतीय समाज में भक्ति सर्वकाल से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आयी है। भारतवर्ष में भक्ति की अनेकानेक पद्धतियों में प्राचीन काल से ही वैष्णव भक्ति की धारा प्रवाहमान रही है। विष्णु के अवतारों में से राम और कृष्ण सर्वाधिक लोकप्रिय रहे हैं। इन दोनों अवतारों की लीलामालाओं को लेकर देश.विदेशों में अनेक मठ एवं मंदिरों का निर्माण हुआ है । इन मठ.मंदिरों में वैष्णव भक्त श्रवणएकीर्तन करते हैं। साथ ही देश.विदेशों में लिखे गये राम और कृष्ण भक्ति से संबन्धित सैकड़ों ग्रन्थों से इन दो अवतारों की महिमा की अभिव्यक्ति की गयी। भारत के इन साहित्यिक धरोहरों में से मर्यादापुरोषोत्तम राम के जीवन पर आधारित महाकाव्य रामायण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। 

Article Details