Main Article Content

Abstract

लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के ढाँचे के अंतर्गत कानूनो, विकास संबंधी, योजनाओं और कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उन्नति का उद्देश्य बनाया गया है। हाल के वर्षो में महिलाओं की स्थिति को अभिनिश्चित करने में महिला सशक्तीकरण को प्रमुख मुद्दे के रूप में माना गया है। भारत में पंचवर्षीय योजना ‘‘1974-78‘‘ में महिलाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति कल्याण की बजाय विकास का दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। महिलाओं के अधिकारों एवं कानूनी हक की रक्षा के लिए वर्ष 1990 में संसद के एक अधिनयिम के द्वारा महिला आयोग की स्थापना की गई। भारतीय संविधान में 73 और 74 संविधान संशोधन के द्वारा महिलाओ को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष पद के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई। इस प्रक्रिया के द्वारा महिलाओं को निर्ण की प्रक्रिया में स्पस्ट रूप से भागीदारी प्रदान हो पायी। तथापि , एक ओर संविधान, विधानों, नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों और सम्बद्व तंत्रों में प्रतिपादित लक्ष्यों तथा दूसरी ओर भारत में महिलाओं की स्थिति के संबंध में परिस्थितजन्य वास्तविकता के बीच अभी भी बहुत बड़ा अंतर है।

Article Details