मोबाईल अधिगम का बी.एड. प्रषिक्षणार्थियों की अध्ययन आदतों पर प्रभाव का अध्ययन

  • मंजू

Abstract

वर्तमान में मोबाईल तकनीकी का प्रयोग जीवन के प्रत्येक कार्य में हो रहा है इसलिए षिक्षण एवं अधिगम की प्रक्रिया किस प्रकार अछूती रह सकती है। इसलिए षोध का प्रमुख उद्देष्य मोबाईल अधिगम का प्रषिक्षणार्थियों की अध्ययन आदतों पर प्रभाव का अध्ययन करना था। इसके स्वरूप में परिकल्नाओं में बी.एड. प्रषिक्षणार्थियों (छात्र एवं छात्राओं) में मोबाईन अधिगम का उनकी अध्ययन आदतों पर कोई सार्थक प्रभाव नहीं होता है, परीक्षण में निजी महाविद्यालयों के 200 प्रषिक्षणार्थियों में 100 प्रयोगात्मक समूह और 100 नियंत्रित समूह को षामिल किया है। अध्ययन आदत मापनी (2012) एम मखोप्याध्याय और सन्सनवाल द्वारा निर्मित मापनी के माध्यम से दत्तों का संकलन किया गया। टी-मान की सार्थकता के आधार पर मध्यमानों में अन्तर को सार्थक माना गया है। निश्कर्श में बताया कि बी.एड. छात्रों एवं छात्राओं में मोबाईल अधिगम से उनकी अध्ययन आदतों व्यापकता, कार्योंन्मुखता, अन्तःक्रियाएं, दौहराना, सहायता, अनुलेखन एवं सम्पूर्ण आदतों में सुधार होता है। मोबाईल अधिगम की उपादेयता सिद्ध करती है कि प्रषिक्षणार्थियों की अध्ययन आदतों में सापेक्षित सुधार होता है। इसे बी.एड. प्रषिक्षण में षामिल किया जा सकता है।

Published
2020-02-11