शिक्षा में सोशल मीडिया द्वारा राष्ट्रीय संस्कृति का समावेश

  • प्रवीण शर्मा

Abstract

शिक्षा समाज की एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को अपने ज्ञान के हस्तान्तरण का प्रयास है। इस विचार से शिक्षा एक संस्था के रूप में काम करती है, जो व्यक्ति विेशेश को समाज से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा समाज की संस्कृति की निरंतरता को बनाए रखती है। बालक शिक्षा द्वारा समाज के आधारभूत नियमों, व्यवस्थाओं, समाज के प्रतिमानों एवं मूल्यों को सीखता है। बालक समाज से तभी जुड़ पाता है जब वह उस समाज विशेश के इतिहास से अभिमुख होता है। शिक्षा व्यक्ति की अंतर्निहित क्षमता तथा उसके व्यक्तित्व को विकसित करने वाली प्रक्रिया है। यही प्रक्रिया उसे समाज में वयस्क की भूमिका निभाने हेतु समाजीकृत करती है तथा समाज का सदस्य एवं एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए व्यक्ति को आवश्यक ज्ञान तथा कौशल उपलब्ध कराती है। मैकेन्जी के अनुसार व्यापक शिक्षा का अर्थ- ”शिक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जो जीवनपर्यन्त चलती है तथा जीवन का प्रत्येक अनुभव उसके भण्डार में वृद्धि करता है।“ यदि सीधे तौर पर देखा जाए तो शिक्षा से सीधा मतलब ज्ञान और तथ्यों की समझ जागृत करना है। हम जानते हैं कि शिक्षा विकास का आधारमूलक सत्य है। शिक्षाविहीन समाज से विकसित राष्ट्र की कल्पना करना किसी भी देश के लिए संभव नहीं है। शिक्षित समाज ही राष्ट्र विकास की अवधारणा को साकार करने में समर्थ है। हम इंसान जन्म से लेकर अपने अस्तित्व के धूमिल होने तक शिक्षारत् रहते हैं बस यदि कुछ बदलाव है तो वह है ‘‘शिक्षा का स्वरूप’’ और यहीं से शिक्षा की भूमिका की शुरूआत होती है। जो किसी भी देश के लिए काल निरपेक्ष नहीं वरन् काल सापेक्ष होती है तो हमारा देश इससे अछूता कैसे रख सकता है ? ‘‘गाँधी, गाँव और गरीब’’ को अपनी प्रेरणा मानने वाले विद्वान और शिक्षा पर बेतहाशा बढ़ते जा रहे खर्च और आधारभूत शैक्षिक सुविधाओं के अभाव और शिक्षा प्रणाली के तमाम विवादों के बीच यह सवाल और अधिक प्रासंगिक हो जाता है कि वास्तव में शिक्षा की भूमिका क्या है ? रविन्द्रनाथ टैगोर ने कहा था कि मानव की जितनी भी उपलब्धियाँ है शिक्षा उनमें सबसे बढ़कर है। जिस प्रकार गुण के बिना रूप और उपयोग के बिना धन व्यर्थ है ठीक उसी प्रकार विनम्रता के बिना शिक्षा व्यर्थ है। जब वह विद्यालय में औपचारिक शिक्षा ग्रहण करने आता है तो एक व्यक्तित्व के साथ आता है जो कि उसकी औपचारिक शिक्षा का प्रतिफल है।

Published
2020-02-11