संचार प्रौद्योगिकी केयुग मेंसाहित्य और वेब दुनिया

  • सोनपाल सिंह

Abstract

आज का दौर सूचना एवं संचार क्रांति का दौर है । अब साहित्य केवल पुस्तकों और पुस्तकालयों तक कैद नहीं रह गया है, अपितु आज यह डिजिटल रूप में भी उपलब्ध है । अंतरजाल(Internet)के माध्यम से देश दुनिया में कहीं बैठकर लोग साहित्य का अध्ययन कर सकते हैं । कम्प्यूटर(इंटरनेट सहित) के माध्यम से शोधकर्त्ता सामग्री संकलन के लिए ‘Hindisamay.com’, ‘E-Pgpathshala.com’, ‘Kavitakosh.org’, ‘Bharatkosh.com’,‘E-books’, ‘Juggernautebooks.com’, ‘National Digital Library’ आदि डिजिटल प्लेटफॉर्मों का उपयोग कर सकता है । जिससे समय और धन की अभूतपूर्व क्षति से बचा जा सकता है ।

Published
2020-02-09