भारत में कृषि के विकास पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव

  • गजेन्द्र सिंह राठौड़

Abstract

कृषि प्रधान परम्परागत राष्ट्रो में विशेषकर भारत में कृषि एक आजीविका है, एक व्यवसाय है, एक क्रिया उधम है, एक व्यवस्था है। कृषि एक परम्परा है, जीवन प्रद्धति है, एक समाज, सभ्यता एवं एक संस्कृति है, यह बहु-आयामी रूप लिए वह क्रिया है जो पृथ्वी पर वृहत्त रूप से की जाती है। दूसरे अर्थों में यह एक वृहत्त अवधारणा है जो विभिन्न रूपों में प्रचलित है जिसका सीधा सम्बन्ध भौगोलिक सन्दर्भो से है। इस प्रकार भारत में कृषि एक व्यवसाय ही नहीं वरन एक जीवन पद्धति है। यह एक सांस्कृतिक विरासत है, जो भारत को सदियों से जीवंत रखे हुए है। इस संदर्भ में यह एक मानव जाति के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास के इतिहास का वह तथ्य है जो मानव सभ्यताओं के विकास क्रम के साथ-साथ धरोहर के रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी हमें प्राप्त हुआ है।

Published
2020-02-07