परिवर्तित समाज एवं मूल्यपरक शिक्षा: एक विचार एवं दृष्टिकोण

  • डॉ रश्मि पंत

Abstract

मूल्यों से मानव जीवन में शान्ति, स्थायित्व, आध्यात्मिकता के भावों का संचार होता है। मूल्य भारतीय संस्कृति का आचरण है एवं मानव जीवन की सार्थकता है, धर्म है एवं उनका अस्तित्व है। शिक्षा एक विकास की सोदृश्य प्रक्रिया होती है, शिक्षा को उदेश्य केन्द्रित माना जाता है परन्तु जब उदेश्यों की प्राप्ति होती है तो साथ-साथ मूल्यों का विकास भी होता है। मूल्यों की शिक्षा प्रक्रिया सर्वप्रथम ज्ञान से आरम्भ होती है तत्पश्चात उस ज्ञान से सम्बन्धित भावनाओं एवं संवेदनाओं को विकसित किया जाता है, फिर उसे आचरण में लाया जाता है तब मूल्यों की शिक्षा प्रक्रिया पूरी होती है।

Published
2020-02-07