वर्तमान में खेल प्रबंधन की अवधारणाएँ

  • चन्द्रशेखर भारती

Abstract

मैनेजमेंट से सीधा पर्याय है बेहतर प्रबंधन, फिर वह चाहे स्पोर्ट्स मैनेजमेंट ही क्यों न हो। स्पोर्ट्स मैनेजमेंट का सीधा अर्थ है खिलाड़ियों के खेल से परे एक मैच के आयोजन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी चीज का बेहतर प्रबंधन। चूंकि आज खेल का सीधा सम्बन्ध मुनाफे से जुड़ गया है, सो स्पोर्ट्स मैनेजमेंट का अर्थ है एक आयोजन का इस तरह से मैनेजमेंट करना, जिससे कि उम्दा आयोजन के साथ-साथ अधिकतम मुनाफा कमाया जा सके। स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए सबसे पहली अनिवार्य योग्यता है खेल और उससे जुड़े तमाम पहलुओं से जुड़ा होना। बैचलर डिग्री कोर्स के लिए बारहवीं पास उम्मीदवारों का मैरिट के आधार पर दाखिला होता है, जबकि पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री व डिप्लोमा पाठयक्रमों के लिए कम से कम 40 फीसदी अंकों से ग्रेजुएट होना जरूरी है। इसी तरह स्पोर्ट्स इकोनोमिक्स एंड मार्केटिंग सरीखे सर्टिफिकेट कोर्स के लिए आवेदक का बारहवीं पास होना ही पर्याप्त है यानी जैसी योग्यता, वैसे पाठयक्रम में अध्ययन का अवसर यहां उपलब्ध है। इस क्षेत्र में प्रषिक्षण के विभिन्न अवसर उपलब्ध हैं। खेल भी एक व्यवसाय का रूप ले चुका है। प्रबन्धन के द्वारा खेल और उससे जुड़ी वस्तुओं की मार्केटिंग की जा सकती है। आईपीएल इसका विषिष्ट उदाहरण है। खेल प्रबन्धन के क्षेत्र में कैरियर की असीम सम्भावनाएँ हैं, जिनका लाभ खेल से जुड़े युवा उठा सकते है।

Published
2020-02-07