महिला सशक्तिकरण (नारी शक्ति) पर निबंध

  • अंकुर

Abstract

‘महिला सशक्तिकरण’ के बारे में जानने से पहले हमें ये समझ लेना चाहिए कि हम ‘सशक्तिकरण’से क्या समझते है। ‘सशक्तिकरण’ से तात्पर्य किसी व्यक्ति की उस योग्यता से है जिसमें वो अपने जीवन से जुड़े सभी निर्णय स्वयं ले सके। ‘महिला सशक्तिकरण’ के इस लेख में भी हम उसी क्षमता की बात कर रहे हैं, जहाँ महिलाएँ परिवार और समाज के सभी बंधनों से मुक्त होकर अपने निर्णयों की निर्माता खुद हो। आशा करते हैं कि यह लेख आपको समाज में महिलाओं की स्थिति और अधिकारों से अवगत करवाने में सक्षम होगा और महिला सशक्तिकरण के विषय में आपकी जानकारी को और अधिक विस्तृत करेगा।

Published
2019-12-31