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Abstract

संगीत एक बहुआयामी कला हैए एक ऐसी कला जिसका मानव जीवन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। भारतीय समाज.जीवन में संगीत को ष्ब्रह्म.सहोदरष् की संज्ञा दी गई है। यह ब्रह्म कोई कोरी परालौकिक कल्पना मात्र न होकर कण.कण अर्थात् प्राणिमात्र के जीवन में व्याप्त है वस्तुतः संगीत की व्युत्पत्ति मनुष्य जाति के आदिम विकास से ही मानी जाती है। यह सच है कि संगीत.साधना जीवन.साधना के समान ही हैए जिस प्रकार जीवन अनेक उतार.चढ़ावों की एक सुन्दर कड़ी हैए उसी प्रकार संगीत भी अनेक सुरों के आरोह.अवरोहों की मधुर और सुन्दर व्यवस्था है।

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