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Abstract

प्रस्तुत शोधपत्र में राजस्थान के लोकजीवन में लोकनृत्यों की अभिन्न परंपरा को प्रस्तुत किया गया है। लोकनृत्य, राजस्थान के लोकजीवन की अनुभूतियों का दर्पण हैं, जीवन का प्रत्येक अवसर किसी न किसी लोकनृत्य से संस्कारित है। राजस्थान की सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक परंपराओं का बिंबन इन लोकनृत्यों मे परिलक्षित होता है। राजस्थानी लोकनृत्यों के स्वरूप का अवलोकन करने पर इनकी विविधता प्रकट होती है। शोधपत्र में राजस्थानी लोकनृत्य की इसी विस्तृत एवं व्यापक परंपरा एवं लोकनृत्यों की विविधता को प्रस्तुत किया गया है।


 

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