Main Article Content

Abstract

इस समय कोरोना वायरस की महामारी ने पूरी दुनिया पर क़हर बरपाया हुआ है। इस महामारी के कारण न केवल सभी देशों की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर अचानक से बहुत बोझ बढ़ गया है। बल्किए इस संकट ने किसी मुश्किल वक़्त पर संवाद की चुनौती भी खड़ी कर दी है। इस महामारी की शुरआत मध्य चीन के वुहान शहर मे दिसंबर मे प्रारम्भ हुआ । यह मानव से मानव के संचरण का प्रमाण हैं । इसका प्रारंभिक लक्षण निमोनियां के रूप मे दिखा । वुहान मे कोरोना से पहली मौत की पुष्टि 9 जनवरी 2020 को हुयी । तेजी से फैलते इस संक्रमण के कारन 11 मार्च 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ;ॅभ्व्द्ध ने कोविड.19 को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया । क्योंकि उस समय तक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या तेरह गुना बढ़ चुकी थी। उस समय तक भारत में इस वायरस से संक्रमित केवल 62 मामले सामने आए थेएजो एक प्रतिशत से भी कम था । प्रोफेसर विल्सन के अनुसारए कोविड.19 से संक्रमित लोगों को चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है। पहली श्रेणी में वे लोग होते हैंए जिनमें कोई लक्षण नहीं दिखता है। इसके आगे की श्रेणी में वे लोग हैंए जिनमें श्वसन नली के ऊपरी हिस्से में संक्रमण होता है। इस स्थिति में संक्रमित लोगों को बुखारए कफए सिरदर्द या कंजक्टीवाइटिस ;आंख संबंधी बीमारीद्ध के लक्षण होते हैं। इन लक्षणों वाले लोग संक्रमण के वाहक होते हैं लेकिन संभवतरू उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती है। तीसरी श्रेणी में कोविड.19 पॉजिटिव लोग होते हैंए जिनमें निमोनिया जैसे लक्षण होते हैं और उन्हें अस्पताल में रहना होता है। चौथी श्रेणी के लोगों में निमोनिया जैसी बीमारी का गंभीर रूप दिखता है। कोरोना वायरस मुख्य रूप से हवा की बूंदों के माध्यम से फैलता है जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसी या लगभग 3 फीट  से 6 फीट की सीमा के भीतर छींकता है। वायरल आरएनए पहले पुष्ट मामले में से एकत्र मल नमूनों में भी मिला थाए हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या संक्रामक वायरस का फिकल.मौखिक संचरण भी होता है।यह अन्य कोरोना वायरस;बिषाणुद्ध की तरह हैंडल और रेलिंग के माध्यम से भी फैल सकता है।

Article Details