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Abstract

ज्ञानयोगी श्री सिद्धेश्वर स्वामीजी अपने आध्यात्मिक चिंतन एवं सरलता के लिए पूरे कर्नाटक में प्रसिद्ध हैं । उनके अनुयाईयों में वे चलते.फिरते नारायण के नाम से पहचाने जाते हैं । अर्थात् वे भगवान के वह रूप हैं जो अपने अथक प्रयासों द्वारा समाज के उन्नति में तत्पर हैं । वे इस युग के एक आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रसिद्ध हैं । ऐसे महात्मा का जन्म और परवरिश बिज्जरगीए जिला विजयपुर कर्नाटक में हुआ है । स्वामीजी ने कईयों का जीवन बदल दिया है । आध्यात्म द्वारा जीने की कला को जीवन में अपनाने के प्रति उनका रुझान है । उनका प्रवचन संग्रह ष्जिए कैसेष् घ् ;बदुकुवुद हेगेघ्द्ध ने कईयों के जीवन में चमत्कार किया है । वे खुद भी एक लेखक हैं और उन्होंने कई पुस्तकें लिखी भी हैं । उन पुस्तकों में उन्होंने आध्यात्म चिंतनए वचन साहित्यए उपनिषदए भगवदगीता तथा जीवन में आनेवाले कठिनाईयों के समाधान के बारे में लिखा है

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